जमातियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील ने की अल्पसंख्यक आयोग में शिकायत

 जमातियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील ने की  अल्पसंख्यक आयोग में शिकायत

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर देश भर में अफवाहों का दौर भी तेज़ी से पैर पसार रहा है। दिल्ली स्थित तब्लीगी जमात के एक जसले में शामिल हुए लोगों को बड़ी संख्या में कोराना वायरस से संक्रमित पाया गया था। जिसके बाद से सोशल मीडिया पर तेज़ी से फर्ज़ी सूचनाओं और खबरों का सिलसिला भी शुरू हो गया। ऐसी खबरों को प्रकाशित करने वाले मीडिया संस्थानों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील एहतेशाम हाशमी ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में शिकायत की है।

उन्होंने अपनी शिकाय़त में आयोग से कहा है कि इस तरह की फर्जी खबरें लगातार प्रकाशित की जा रही हैं जो ऐसे समय में समाज के लिख बेहद खतरनाक साबित हो रही हैं यही नहीं इनमें से कई खबरें जांच करने पर फर्जी भी साबित हो रही हैं। ऐसी खबरों से लगातार सांप्रदायिक माहौल खराब होने की खतरा भी बढ़ रहा है साथ ही समाज में तनाव की स्थिति भी पैदा हो रही है।

उन्होंने लिखा है कि, ‘मैं आपको इस तथ्य से अवगत कराना चाहूंगा कि कोविद -19 से जोड़कर पुराने वीडियो को वायरल किया जा रहा है। इन वीडियो में विशेष समुदाय के लोगों को लक्ष्तिय किया जा रहा है। इनके साथ फर्जी और तथ्यहीन कैप्शन के साथ इनको प्रकाशित भी किया गया है। डॉक्टरों की जरूरतों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, लॉकडाउन के दौरान तब्लीगी जमात पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है “, उन्होंने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गयोरुल हसन रिजवी को इस संबंध में शिकायक की है।

हाशमी ने अपनी शिकायत में जमात के लोगों की नर्सों के साथ कथित छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों करने वाली खबर का भी उल्लेख किया है। जिसमें बिना किसी वीडियो और सबूत के इस तरह के आरोप मीडिया में खबर बनाकर दिखाए और प्रकाशि किए गए। उन्होंने लिखा है कि इस तरह पूरे समुदाय को बदनाम किए जाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भर में कोरोना वायरस से रोकथाम के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ऐसे कठिन समय में कुछ लोग इस संघर्ष को भी धार्मिक रंग देने पर आमादा हैं। भारत में विदेश से हज़ारों यात्री आए हैं लेकिन सिर्फ जमातियों को ही टारगेट किया जा रहा है।

हाशमी ने कहा है कि इस मामले पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि यह संकट धार्मिक संघर्ष की शक्ल ले रहा है। क्योंकि हाल ही में दिल्ली के दंगों के पीड़ित आघात से बाहर नहीं आए हैं। उन्होंने आयोग से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि आयोग द्वारा मीडिया के लिए दिशा निर्देश निर्धारित किए जाएं।

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Editor LCN

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